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Aaj Ka Shabd Durdam Harivanshrai Bachchan Poem Jeevan Ka Yah Prishth Palat Man – Amar Ujala Kavya – आज का शब्द:दुर्दम और हरिवंशराय बच्चन की कविता

Abdul

                
                                                         
                            'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- दुर्दम, जिसका अर्थ है- जिसका दमन करना या जिसे दबाना बहुत कठिन हो। प्रस्तुत है हरिवंशराय बच्चन की कविता- जीवन का यह पृष्ठ पलट, मन
                                                                 
                            

जीवन का यह पृष्ठ पलट, मन।

इसपर जो थी लिखी कहानी,
वह अब तुझको याद जबानी,
बार बार पढ़कर क्यों इसको व्यर्थ गँवाता जीवन के क्षण।
जीवन का यह पृष्ठ पलट, मन।

इस पर लिखा हुआ है अक्षर
जमा हुआ है बनकर ’अक्षर’,
किंतु प्रभाव हुआ जो तुझ पर उसमें अब कर ले परिवर्तन।
जीवन का यह पृष्ठ पलट, मन।

यहीं नहीं यह कथा खत्म है,
मन की उत्सुकता दुर्दम है,
चाह रही है देखें आगे,
ज्योति जगी या सोया तम है,
रोक नहीं तू इसे सकेगा, यह अदृष्ट का है आकर्षण।
जीवन का यह पृष्ठ पलट, मन!

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4 hours ago

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